गीत 133
जवानी में यहोवा की सेवा करें
1. माने याह हम सब को अनमोल बच्चे,
ताकत और दिल से सेवा जो करते।
प्यार से याह रखे हमारा खयाल,
आशीषें देगा कि हम हों खुशहाल।
2. दिल से माँ-बाप की इज़्ज़त जब करते,
उनसे जज़्बात हम बयाँ कर पाते;
याह की मंज़ूरी हमें तब मिलती,
होती है दोस्ती उस से और गहरी।
3. याह को जवानी में याद हम करें,
रोज़ हम सच्-चा-ई की प्यास बढ़ाएँ।
पूरे दिल से जब करें हम सेवा,
याह हमें देख के खुशी पाएगा।
(भज. 71:17; विला. 3:27; इफि. 6:1-3 भी देखें।)